➤ छह ज्वेलरों की दुकानों पर छापा, तेंदुए के 86 नाखून और 5 दांत जब्त
➤ दुर्लभ पक्षियों के पंख भी मिले, वन्यजीव अधिनियम के तहत प्रतिबंधित सामग्री
➤ डीएफओ ने की पुष्टि, आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
शिमला जिला के रोहड़ू शहर में वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए ज्वेलरी की दुकानों पर छापेमारी की। गुप्त सूचना के आधार पर मंगलवार दिन के समय बाजार के अलग-अलग हिस्सों में स्थित दुकानों की जांच की गई। इस कार्रवाई में छह ज्वेलरों के पास से तेंदुए के 86 नाखून और 5 दांत बरामद किए गए, जिन्हें अवैध रूप से रखा गया था।
जांच के दौरान टीम को दुर्लभ पक्षियों के पंख भी मिले। विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह सभी सामग्री वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। किसी भी संरक्षित वन्यजीव के अंगों का व्यापार, संग्रह या प्रदर्शन कानूनन अपराध है।
डीएफओ रोहड़ू रवि शंकर शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बरामद की गई सामग्री को मौके पर ही कब्जे में ले लिया गया है और संबंधित दुकानदारों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि तेंदुआ संरक्षित वन्यजीव है और इसके अंगों का उपयोग या बिक्री गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
सूत्रों के अनुसार कुछ ज्वेलर इन नाखूनों और दांतों का उपयोग ताबीज, लॉकेट और अन्य आभूषणों में सजावट के रूप में करते हैं, जिन्हें लोग अंधविश्वास के चलते खरीदते हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस प्रकार के उत्पादों से दूरी बनाए रखें और यदि कहीं इस तरह का अवैध कारोबार दिखाई दे तो तुरंत विभाग को सूचना दें।
वन विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में ऐसी छापेमारी और तेज की जाएगी, ताकि वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।



